ये समाचार पत्र के चंद कतरनें है , जो मैंने अपने कॉलेज के छात्र जीवन मे लिखे हैं \ यह उस समय {1992 से 1998} का सम -सामयिक तत्कालीन विश्लेषण है , इन कतरनों मे आज , जनसता , आवाज़ , प्रभात खबर और इस्पात मेल अखबारों की कतरनें शामिल है। मैंने संपादक के नाम पत्र से लिखना आरम्भ किया था
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