रविवार, 1 मई 2016

टाटा मोटर्स यूनियन मे विवाद किसी नीति सिद्धांत या मजदूर हित नहीं है ब्लकि उनका आपना हित है। इसका मुल कारण पुर्व के यूनियन पदाधिकारीयो द्वारा कंपनी से उठाया गया लाभ है।अब सभी वर्तमान यूनियन पदाधिकारी भी उसी तरह रूपए कमाना औऱ कंपनी मे ठेकेदारी चाहते है, बस इसी कि लडाई है। नहीं तो कोई. कारण आपस गुलगुलियो के.तरह मार पीट करने का ? परिर्वतन के नाम जीते ये कैसा. परिर्वतन है? जिस. दिन मजदूर हिसाब लेगी तो मुसोलिनी वाला हाल करेगी। शार्दूल के कलम से's photo. शार्दूल के कलम से's photo. शार्दूल के कलम से's photo.

टाटा मोटर्स यूनियन मे विवाद किसी नीति सिद्धांत या मजदूर हित नहीं है ब्लकि उनका आपना हित है। इसका मुल कारण पुर्व के यूनियन पदाधिकारीयो द्वारा कंपनी से उठाया गया लाभ है।अब सभी वर्तमान यूनियन पदाधिकारी भी उसी तरह रूपए कमाना औऱ कंपनी मे ठेकेदारी चाहते है, बस इसी कि लडाई है। नहीं तो कोई. कारण आपस गुलगुलियो के.तरह मार पीट करने का ? परिर्वतन के नाम जीते ये कैसा. परिर्वतन है? जिस. दिन मजदूर हिसाब लेगी तो मुसोलिनी वाला हाल करेगी।

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