बुधवार, 27 जनवरी 2016

खेल संस्था या संघ मे पदाधिकारी बनने के लिए नेता, उधोगपति, प्रशासनिक अधिकारी केवल इस लिए ललायित रहते है कि वे जम कर घोटाला, शोषण, लूट औऱ काली कमाई कर सके। नहीं तो कया रिश्ते है शरद पवार, सुरेश कलमाड़ी, अरुण जेटली, राजीव शुक्ला आदि नेता ओ का सिवाय इन खेल संस्थाओ से मिलने वाले धन का। किकेट का प्रमुख रहे श्री वाशन ने कभी बलला पकड़ा है। ये कभी खेल का भला नहीं कर सकते है, जब तक इन माफियाओ के जकड़न मे खेल संस्था रहेगा कभी इस देश मे खेल का भला नहीं होगा। शार्दूल के कलम से's photo. शार्दूल के कलम से's photo. शार्दूल के कलम से's photo.

खेल संस्था या संघ मे पदाधिकारी बनने के लिए नेता, उधोगपति, प्रशासनिक अधिकारी केवल इस लिए ललायित रहते है कि वे जम कर घोटाला, शोषण, लूट औऱ काली कमाई कर सके। नहीं तो कया रिश्ते है शरद पवार, सुरेश कलमाड़ी, अरुण जेटली, राजीव शुक्ला आदि नेता ओ का सिवाय इन खेल संस्थाओ से मिलने वाले धन का। किकेट का प्रमुख रहे श्री वाशन ने कभी बलला पकड़ा है। ये कभी खेल का भला नहीं कर सकते है, जब तक इन माफियाओ के जकड़न मे खेल संस्था रहेगा कभी इस देश मे खेल का भला नहीं होगा।

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