बुधवार, 27 जनवरी 2016

राजनीतिक दल और मधुमक्कियो की कार्यशैली की संरचना एक ही सामान होती है अगर किसी भारतीय राजनेतिक दल के कार्यपदति को अगर जानना और समझना है तो मधुमक्कियो कार्यशैली की संरंचना से आसानी से समझा जा सकता है। जैसे मधुमक्कियो के संसार में एक रानी मधुमक्की होती है जिसका काम केवल राज करना और आदेश देना होता है दूसरा नर मक्की होती हैजिसका काम केवल रानी मक्की का सेवा या संतुस्ट करना होता हैऔर तिसरा श्रमिक मक्की होती है जिसका काम फूलो से रस लाना आड़े ,बच्चों और छत्ते का देख भाल करना होता है। उसी प्रकार राजनीतिक दलो में रानी मधुमक्की के तरह एक नेता होता है जोकेवल आदेश देगा और राज करेगा उसके बाद नर मधुमक्की के तरह चापलूस, दरबारी और चमचे कार्यकर्ता होते है जो केवल रानी मधुमक्की रूपी नेता का चापलूसी,गुणगान और चमचई करेगा और अंत में आता है श्रमिक मधुमक्की सरीके पार्टी के कार्यकर्ता जो केवल जीवन भर दल का झंडा ढोयेंगे रैली जुलुस निकलेंगे आंदोलन करेंगे नेता का भाषण सुनेंगे जेल जायेंगे और अंत में श्रमिक मधुमक्की की तरह दल का सेवा करते करते कुछ पाने की आशा में युंही गुमनामी में खाली हाथ ही मर जायेंगे। शार्दूल के कलम से's photo. शार्दूल के कलम से's photo.

सी प्रकार राजनीतिक दलो में रानी मधुमक्की के तरह एक नेता होता है जोकेवल आदेश देगा और राज करेगा उसके बाद नर मधुमक्की के तरह चापलूस, दरबारी और चमचे कार्यकर्ता होते है जो केवल रानी मधुमक्की रूपी नेता का चापलूसी,गुणगान और चमचई करेगा और अंत में आता है श्रमिक मधुमक्की सरीके पार्टी के कार्यकर्ता जो केवल जीवन भर दल का झंडा ढोयेंगे रैली जुलुस निकलेंगे आंदोलन करेंगे नेता का भाषण सुनेंगे जेल जायेंगे और अंत में श्रमिक मधुमक्की की तरह दल का सेवा करते करते कुछ पाने की आशा में युंही गुमनामी में खाली हाथ ही मर जायेंगे।

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