सोमवार, 10 अक्टूबर 2016

सरकारी विज्ञापन समाचार पत्रो.को दिया जाने वाला अप्रत्यक्ष घुस है , ताकि सरकारी कमियो और गलतियो उजागर करने से रोका जा.सके। अब आप ही सोचीयै जो समाचार पत्र सरकार से करोडो का विज्ञापन लेगी वह किस मुँह से उसकी गलतीयो पर आवाज उठा पायेगी। अब तो रोजाना ही सरकारी.योजना.या सरकारी शुभ कामनाएँओ के विज्ञापन के फुल पेज से पन्ने भरे पडे रहते है। अब मुख्य पृष्ट सरकारी विज्ञाटन के.लिये आरक्षित ही हो.गया.है। सरकारी विज्ञापन के डोर.से कोई भी सत्तारूढ़ दल हो वह समाचार पत्रो का नकेल अपने पास रखता.है जिसे अपने लाभ के हिसाब से कसता या खीचता.रहता.है।समाचार पत्रो कि नैतिकता और सिद्धातं सरकारी.विज्ञापनो के नत मस्तक हो जाती.है सत्तारूढ़ दल के आगे। यै सरकारी विज्ञापन समाचार पत्रो को सरकारी भोंपू मात्र बना कर रख दिया.है। शार्दूल के कलम से's photo. शार्दूल के कलम से's photo. शार्दूल के कलम से's photo.

सरकारी विज्ञापन समाचार पत्रो.को दिया जाने वाला अप्रत्यक्ष घुस है , ताकि सरकारी कमियो और गलतियो उजागर करने से रोका जा.सके। अब आप ही सोचीयै जो समाचार पत्र सरकार से करोडो का विज्ञापन लेगी वह किस मुँह से उसकी गलतीयो पर आवाज उठा पायेगी। अब तो रोजाना ही सरकारी.योजना.या सरकारी शुभ कामनाएँओ के विज्ञापन के फुल पेज से पन्ने भरे पडे रहते है। अब मुख्य पृष्ट सरकारी विज्ञाटन के.लिये आरक्षित ही हो.गया.है। सरकारी विज्ञापन के डोर.से कोई भी सत्तारूढ़ दल हो वह समाचार पत्रो का नकेल अपने पास रखता.है जिसे अपने लाभ के हिसाब से कसता या खीचता.रहता.है।समाचार पत्रो कि नैतिकता और सिद्धातं सरकारी.विज्ञापनो के नत मस्तक हो जाती.है सत्तारूढ़ दल के आगे। यै सरकारी विज्ञापन समाचार पत्रो को सरकारी भोंपू मात्र बना कर रख दिया.है।

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