सोमवार, 10 अक्टूबर 2016

एक समय था, जब आपराधिक घटनाओ पर मनोहर कहानीयाँ ,सत्य कथा, नूतन कहानीयाँ आदि पत्रिका प्रकाशित हुआ करती थी। इन पत्रिकाओ मे केवल हत्या, रेप, ठगी, डकैती, लुट मार, स्केस आदि.अपराधिक घटनाओ का विवरण होता था । आज सभी टी. वी. चैनल इन्ही अपराधिक पत्रिकाओ का डिजटल सस्करंण हो गये है, इन मे केवल स्केस , रेप, हत्या, ठगी, डकैती, लुट मार, आदि नकारत्मक घटनाओ नाट्य रुपातंरण.होते हैः.जिससे लोगो को.और अपराधिक घटनाओ की बारीक जानकारी मिल जाती है,जिससे समाज मे और. अधिक अपराधिक घटनाओ मे बढोतरी हो रही हैःइन टी. वी..चैनलो को तो केवल T R P ,के लिये केवल मसाला चाहिए, चाहे वह समाज का हित का बलि दे कर ही कयो न आयेः शार्दूल के कलम से's photo. शार्दूल के कलम से's photo. शार्दूल के कलम से's photo. शार्दूल के कलम से's photo.

एक समय था, जब आपराधिक घटनाओ पर मनोहर कहानीयाँ ,सत्य कथा, नूतन कहानीयाँ आदि पत्रिका प्रकाशित हुआ करती थी। इन पत्रिकाओ मे केवल हत्या, रेप, ठगी, डकैती, लुट मार, स्केस आदि.अपराधिक घटनाओ का विवरण होता था । आज सभी टी. वी. चैनल इन्ही अपराधिक पत्रिकाओ का डिजटल सस्करंण हो गये है, इन मे केवल स्केस , रेप, हत्या, ठगी, डकैती, लुट मार, आदि नकारत्मक घटनाओ नाट्य रुपातंरण.होते हैः.जिससे लोगो को.और अपराधिक घटनाओ की बारीक जानकारी मिल जाती है,जिससे समाज मे और. अधिक अपराधिक घटनाओ मे बढोतरी हो रही हैःइन टी. वी..चैनलो को तो केवल T R P ,के लिये केवल मसाला चाहिए, चाहे वह समाज का हित का बलि दे कर ही कयो न आयेः

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